मेरठ। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लिए रविवार का दिन ऐतिहासिक बन गया, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मेरठ के शताब्दी नगर स्टेशन पर आयोजित कार्यक्रम में ‘नमो भारत’ रीजनल रैपिड ट्रेन और मेरठ मेट्रो का औपचारिक शुभारंभ किया। कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री का स्वागत किया।
प्रधानमंत्री ने हरी झंडी दिखाकर दोनों ट्रेनों को रवाना किया और मेट्रो में सफर कर छात्रों से संवाद भी किया।
एक ट्रैक पर हाई-स्पीड और मेट्रो संचालन
नमो भारत और मेरठ मेट्रो की खासियत यह है कि दोनों सेवाएं एक ही ट्रैक और स्टेशनों का उपयोग करेंगी। यह मॉडल वैश्विक स्तर पर चुनिंदा देशों में ही देखने को मिलता है। नमो भारत लंबी दूरी के यात्रियों को मेरठ से दिल्ली और गाजियाबाद तक तेज कनेक्टिविटी देगी।
मेरठ मेट्रो शहर के भीतर स्थानीय आवागमन को आसान बनाएगी। इस परियोजना को क्षेत्रीय कनेक्टिविटी के क्षेत्र में बड़ा कदम माना जा रहा है।
88 किमी का सफर अब 55 मिनट में
नमो भारत ट्रेन मेरठ से दिल्ली तक 88 किलोमीटर की दूरी लगभग 55 मिनट में तय करेगी। इस रूट पर कुल 13 स्टेशन हैं, जिनमें दो स्टेशन भूमिगत बनाए गए हैं।
अब तक मेरठ से दिल्ली और गाजियाबाद जाने में लोगों को लंबा समय लगता था, लेकिन नई सेवा से रोजाना यात्रा करने वालों को बड़ी राहत मिलेगी।
ट्रायल रन में 160 किमी/घंटा की रफ्तार
शुक्रवार को आयोजित विशेष ट्रायल रन के दौरान नमो भारत ट्रेन ने 160 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से दौड़ लगाई। मेरठ साउथ से सराय काले खां तक का सफर लगभग 40 मिनट में पूरा हुआ।
सराय काले खां से बेगमपुल तक नॉन-स्टॉप यात्रा 39 मिनट में पूरी की गई।
नियमित संचालन में प्रत्येक स्टेशन पर लगभग एक मिनट का ठहराव रहेगा, जिससे कुल यात्रा समय करीब 55 मिनट होगा।
विकास को मिलेगी रफ्तार
नमो भारत और मेरठ मेट्रो के शुरू होने से शिक्षा और नौकरी के लिए आवागमन आसान होगा। दिल्ली-मेरठ के बीच आर्थिक गतिविधियां बढ़ेंगी
ट्रैफिक जाम से राहत मिलने की उम्मीद है, क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। विशेषज्ञों का मानना है कि यह परियोजना पश्चिमी उत्तर प्रदेश के विकास को नई दिशा देगी।
नमो भारत और मेरठ मेट्रो की शुरुआत केवल परिवहन सुविधा नहीं, बल्कि क्षेत्रीय विकास, आधुनिक बुनियादी ढांचे और तेज कनेक्टिविटी का प्रतीक है। आने वाले समय में यह सेवा लाखों यात्रियों की दिनचर्या को बदल सकती है और मेरठ को राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र से और अधिक मजबूती से जोड़ देगी।